TGT LT Teacher TET News: उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों छात्रों के लिए यह खबर बेहद अहम है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि अब TGT और LT ग्रेड की नई नियुक्तियों में TET पास होना अनिवार्य होगा। यानी अब बिना शिक्षक पात्रता परीक्षा पास किए इन पदों पर चयन नहीं हो सकेगा। इस फैसले का असर सीधे उन अभ्यर्थियों पर पड़ेगा जो लंबे समय से शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हैं। साथ ही इससे पूरी चयन प्रक्रिया में एकरूपता और साफ नियम लागू करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है जिससे आगे विवाद की स्थिति कम होगी।
हाईकोर्ट ने क्या कहा
प्रयागराज स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इस मामले में अहम फैसला सुनाया है। जानकारी के मुताबिक न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार की बेंच ने कहा है कि अब TGT और LT ग्रेड नियुक्ति में TET को अनिवार्य योग्यता माना जाएगा। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ शैक्षिक प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी सेवा नियमावली 1983 के नियम 8 में दी गई योग्यताओं के साथ TET पास होना जरूरी होगा। इससे अब चयन प्रक्रिया पहले से ज्यादा स्पष्ट और एक जैसी हो जाएगी।
किस मामले में आया यह निर्णय
गौरतलब है कि यह फैसला जय हिंद यादव और अन्य अभ्यर्थियों की याचिका पर आया है। याचियों ने 28 जुलाई 2025 को जारी LT ग्रेड शिक्षक नियुक्ति को चुनौती दी थी। जानकारी के मुताबिक याचियों की ओर से कहा गया कि इस प्रक्रिया में शिक्षा के अधिकार कानून 2009 का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। साथ ही यह भी मुद्दा उठाया गया कि जारी विज्ञापन में यह साफ नहीं था कि शिक्षक किन कक्षाओं के लिए रखे जाएंगे जिससे अभ्यर्थियों के बीच भ्रम की स्थिति बन गई थी और सही जानकारी नहीं मिल पा रही थी।
विज्ञापन में क्या कमी पाई गई
कोर्ट ने इस बात को गंभीरता से लिया कि लोक सेवा आयोग द्वारा जारी विज्ञापन में जरूरी जानकारी साफ तौर पर नहीं दी गई थी। जानकारी के मुताबिक इसमें यह नहीं बताया गया कि नियुक्ति किस कैडर के तहत हो रही है और किन कक्षाओं के लिए पद तय किए गए हैं। वहीं शिक्षा विभाग के हलफनामे में यह माना गया कि प्रदेश में 904 ऐसे स्कूल हैं जहां कक्षा 6 से 12 तक पढ़ाई होती है। ऐसे में आयोग का यह कहना कि कक्षा 6 से 8 तक कोई पद खाली नहीं है तार्किक नहीं माना गया और कोर्ट ने इसे बड़ी कमी के रूप में देखा।
CT कैडर खत्म होने से क्यों बढ़ी TET की जरूरत
बता दें कि पहले CT यानी सर्टिफिकेट ऑफ टीचिंग कैडर अलग हुआ करता था लेकिन अब इसे खत्म कर LT कैडर में मिला दिया गया है। जानकारी के मुताबिक जब दोनों कैडर एक साथ कर दिए गए हैं तो योग्यता भी एक जैसी होना जरूरी हो जाती है। ऐसे में TET पास होना एक सामान्य और जरूरी शर्त बन जाती है। कोर्ट ने इसी आधार पर माना कि अब TET को नियमों में शामिल करना जरूरी है ताकि आगे चलकर किसी तरह की दिक्कत या विवाद की स्थिति न बने।
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अब आगे नियुक्ति प्रक्रिया में क्या बदलेगा
कोर्ट के आदेश के बाद अब उत्तर प्रदेश अधीनस्थ शैक्षिक सेवा नियमावली में बदलाव किया जाएगा और उसमें TET पास को जरूरी योग्यता के रूप में जोड़ा जाएगा। साथ ही लोक सेवा आयोग को निर्देश दिया गया है कि वह तुरंत एक शुद्धि पत्र जारी करे। इस शुद्धि पत्र में साफ लिखा जाएगा कि वर्तमान प्रक्रिया केवल कक्षा 9 और 10 के शिक्षण कार्य के लिए है। इससे आगे आने वाली नियुक्तियों में पारदर्शिता बढ़ेगी और छात्रों को पहले से पूरी और सही जानकारी मिल सकेगी जिससे तैयारी भी सही दिशा में हो पाएगी।
23 हजार से ज्यादा पदों पर जल्द आएगा विज्ञापन
प्रयागराज से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश के 4,512 एडेड माध्यमिक स्कूलों में 23,213 से अधिक पद खाली हैं और इनके लिए अधियाचन अपलोड करने की तैयारी अंतिम चरण में है। बताया जा रहा है कि जैसे ही आयोग का पोर्टल अपडेट होगा इन पदों का विवरण अपलोड कर दिया जाएगा। इसके बाद तकनीकी जांच पूरी होते ही आयोग नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी कर सकता है। गौरतलब है कि लंबे समय से नई नियुक्तियां नहीं हुई हैं ऐसे में हजारों अभ्यर्थी इस प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।