UPMSP Notice For 10th 12th Result: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में शामिल हुए छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। बोर्ड ने साफ कहा है कि इस समय साइबर ठग सक्रिय हो सकते हैं और छात्रों को निशाना बनाकर धोखाधड़ी करने की कोशिश कर सकते हैं। यह सूचना पिछले वर्षों के अनुभव के आधार पर जारी की गई है, जिसमें देखा गया था कि रिजल्ट के समय कई फर्जी कॉल और मैसेज के जरिए छात्रों को गुमराह किया गया था। इस बार भी ऐसी घटनाओं की संभावना को देखते हुए बोर्ड ने पहले ही अलर्ट जारी कर दिया है, ताकि छात्र और अभिभावक किसी भी तरह के झांसे में न आएं और सुरक्षित रह सकें।
फोन कॉल और मैसेज के जरिए ठगी का खतरा
बोर्ड ने अपनी सूचना में बताया है कि साइबर अपराधी छात्रों को फोन कॉल या मैसेज के जरिए संपर्क कर सकते हैं और खुद को बोर्ड या अधिकारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश कर सकते हैं। ये ठग छात्रों को यह कह सकते हैं कि वे उनके अंक बढ़वा सकते हैं या रिजल्ट में सुधार कर सकते हैं। इसके बदले में वे पैसे की मांग कर सकते हैं। कई मामलों में यह भी देखा गया है कि ठग यह दावा करते हैं कि उनकी पहुंच बोर्ड के डेटाबेस तक है और वे आसानी से अंक बदल सकते हैं, लेकिन यह सभी दावे पूरी तरह गलत होते हैं और छात्रों को केवल धोखा देने के लिए किए जाते हैं।
फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर सकते हैं ठग
बोर्ड ने यह भी बताया है कि साइबर अपराधी कई बार अपनी पहचान छिपाने के लिए परिषद के कर्मचारियों या अधिकारियों का नाम इस्तेमाल करते हैं। वे खुद को अधिकारी बताकर छात्रों और अभिभावकों को भ्रमित करते हैं, जिससे लोग उनकी बातों पर विश्वास कर लेते हैं। इसी का फायदा उठाकर वे पैसे ऐंठने की कोशिश करते हैं। इसलिए किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है और इससे आर्थिक नुकसान हो सकता है।
पुलिस करेगी सख्त कार्रवाई
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस भी सक्रिय हो गई है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ऐसे साइबर अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता के तहत दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि सरकार इस तरह की धोखाधड़ी को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगी और दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।
छात्रों और अभिभावकों के लिए जरूरी निर्देश
बोर्ड ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी तरह के संदिग्ध कॉल या मैसेज का जवाब न दें। परिषद कभी भी व्यक्तिगत रूप से छात्रों से संपर्क नहीं करता है, इसलिए यदि कोई व्यक्ति खुद को बोर्ड का अधिकारी बताकर कॉल करता है तो उसे तुरंत नजरअंदाज करें। साथ ही अपनी निजी जानकारी जैसे रोल नंबर या बैंक डिटेल किसी के साथ साझा न करें, क्योंकि इसका गलत इस्तेमाल किया जा सकता है।
शिकायत कहां करें
यदि किसी छात्र या अभिभावक को इस तरह का कोई कॉल या मैसेज प्राप्त होता है, तो उसे तुरंत रिकॉर्ड करें और अपने जिले के जिला विद्यालय निरीक्षक को इसकी जानकारी दें। इसके अलावा साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। इससे समय रहते कार्रवाई की जा सकेगी और अन्य लोगों को भी इस तरह के फ्रॉड से बचाया जा सकेगा।
हर साल रिजल्ट के समय साइबर ठगी के मामलों में वृद्धि देखी जाती है, क्योंकि इस समय छात्र और अभिभावक तनाव में होते हैं और जल्दी रिजल्ट सुधारने के झांसे में आ सकते हैं। इसी स्थिति का फायदा उठाकर ठग लोगों को निशाना बनाते हैं। इसलिए इस बार बोर्ड ने पहले ही चेतावनी जारी कर दी है, ताकि कोई भी छात्र इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार न हो।